कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है हिंदी में

आज जैसे जैसे दुनिया डिजिटल होते जा रहा है वैसे वैसे कंप्यूटर और स्मार्टफोन जैसे डिवाइस भी लोगो दौरा सबसे ज्यादा इस्तेमाल किये जाते है। अगर हम अपने आस पास देखते है तो कई भी ऐसा व्यक्ति नहीं मिलेगा जिसके पास आज के समय में स्मार्टफोन न हो। आज हर कोई के पास स्मार्टफोन है।

यही  कुछ समय पहले की बात की जाये तो बहुत ही कम लोग ऐसे थे जिनके पास स्मार्टफोन थे। वैसे ही अगर आज की समय में कंप्यूटर की बात की जाये तो आज ज्यादा तर लोगो के पास कंप्यूटर आ चुके है। जैसे जैसे डिजिटलिज़शन बढ़ता जा रहा है वैसे वैसे कंप्यूटर का इस्तेमाल भी बढ़ता जा रहा है।

अब अगर आप किसी भी स्टोर पर चले जाये आपको वह एक से दो कंप्यूटर देखने को मिल जायेगा। और ज्यादा से ज्यादा लोग कंप्यूटर का इस्तेमाल कर रहे है, तो ऐसी बात को ध्यान में रखते हुए आज हम कंप्यूटर के टाइप्स यानि Types Of Computer के बारे में जानेंगे।

जब आप इस पोस्ट को अच्छे से पढ़ लेते है तब आप कंप्यूटर के अलग अलग प्रकार के बारे में अच्छे से समझ लेते है। और अगर आप कोई एग्जाम की तयारी कर रहे है तो आपके लिए ये पोस्ट और भी लाभदयक होगा। तो चलिए अब जानते है इससे पहले अगर आप कंप्यूटर के बारे में जानना चाहते है तो मैं पहले से ही कंप्यूटर के बारे में पोस्ट को पब्लिश कर चूका हूँ।

 

कंप्यूटर के बारे में

तो चलिए अब हम सबसे पहले कंप्यूटर के बारे में जानते है। तो कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो यूजर दौरा दिए गए इनपुट को लेता है और उसपे जरुरी ऑपरेशन कर आउटपुट प्रदान करता है। अगर इसके कार्य प्रणाली को और भी आसान भाषा में समझते है। तो कुछ इस प्रकार है।

जब हम कंप्यूटर में कीवर्ड की हेल्प से किसी प्रकार के इनपुट को देते है तब इनपुट प्रिंटेड सर्किट की हेल्प से हमारे कंप्यूटर में लगे प्रोसेसर के पास जाता है। इसके बाद प्रोसेसर उस इनपुट को एक्सक्यूटे कर उसपे जरुरी ऑपरेशन करता है यानि उस इनपुट को CPU प्रोसेस करता है। जब प्रोसेसर अपना कार्य कम्पलीट कर लेता है तब उस रिजल्ट को हमारे कंप्यूटर में लगे आउटपुट डिवाइस की हेल्प से आउटपुट प्रोवाइड करता है।

कंप्यूटर अलग अलग आधार पर कार्य को करता है और किसी भी कंप्यूटर का अलग अलग प्रकार के कई सारे कार्य होता है। तो ये था कंप्यूटर के बारे में कुछ बेसिक जानकारी अगर आप कंप्यूटर के इतिहास और भी कंप्यूटर के बारे में पहले से ही पोस्ट को पब्लिश कर चूका हूँ। जिसका लिंक पोस्ट में आपको मिल जायेंगे।

 

कंप्यूटर कितने प्रकार के हैं Types of Computer in Hindi

तो अब हम कंप्यूटर के अलग अलग प्रकार के बारे में जानते है कंप्यूटर कई प्रकार एक होते है। हर कंप्यूटर के अलग अलग कार्य होता है और उनका उदेश्य भी अलग है अगर आप सोच रहे है कंप्यूटर अलग अलग कैसे है तो मैं आपको बताना चाहता हूँ की कई प्रकार के ऐसे क्षेत्र है जंहा कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है। उस कंप्यूटर को हम अपने पर्सनल इस्तेमाल के लिए नहीं कर सकते है जैसे मेडिकल क्षेत्र में अलग कंप्यूटर का इस्तेमाल होता है तो रीसर्च के लिए अलग कंप्यूटर के इस्तेमाल किया जाता है। कंप्यूटर को प्रयोग और क्षमता के आधार पर तीन भागों में बटा गया है।

कंप्यूटर को निम्नलिखित भागों में वर्गीकृत किया गया है

A. (एप्लीकेशन के आधार पर)
B. (आकार के आधार पर)

 

A. एप्लीकेशन के आधार 

Application (आवेदन) के आधार पर कंप्यूटर तीन प्रकार के होते है। जिनका उदेश्य अलग अलग है। चलिए अब इनके बारे में पुरे डिटेल में जानते है।

  1. Analog Computer
  2. Digital Computer
  3. Hybrid Computer 

 

एनालॉग कंप्यूटर

एनालॉग कंप्यूटर वह कंप्यूटर होता है जो भौतिक मात्रा जैसे दाब , पारा, लम्बाई, चौड़ाई, आदि को मापता है। और उसको अंकों में व्यक्त करता है। एनालॉग कंप्यूटर में होने वाला डाटा ट्रांसमिशन सीधी रेखा में होता है। जिसको एनालॉग ट्रांसमिशन भी कहा जाता है। और एनालॉग कंप्यूटर भौतिक आकड़ों में काम को करता है

अगर हम एनालॉग कंप्यूटर के मुख्य रूप से इस्तेमाल के बारे में समझे तो एनालॉग कंप्यूटर का इस्तेमाल विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किये जाते है। क्योकि इन दोनों क्षेत्रों में मात्रा के लिए अधिक प्रयोग किया जाता है अगर इसको एक्साम्प्ले से समझे तो वहां के अंदर लगे मीटर हमें गड़ना कर ये बताता है की हमारी गाड़ी की स्पीड कितनी है। और हमारी वाहन के अंदर फ्यूल कितना है। इन्हीं को एनालॉग कंप्यूटर कहा जाता है।

 

डिजिटल कंप्यूटर

Digital Computer वे कंप्यूटर होते है जो डिजिटल तकनीक का प्रयोग करते है और ऐसे कंप्यूटर के अंदर माइक्रो प्रोसेसर का इस्तेमाल किया जाता है और ऐसे कंप्यूटर की क्षमता इतना ज्यादा होता है की वे एक सेकंड में करोड़ों गड़ना को कर सकते है। ये काम करने के लिए बाइनरी वैल्यू 0 और 1 का इस्तेमाल करते है। डिजिटल कंप्यूटर 0 को फाल्स यानि (गलत) और 1 को ट्रू यानि (सही) सिगनल प्रेषित करता है।

डिजिटल कंप्यूटर बाइनरी डाटा को इनपुट की तरह लेकर प्रोसेसर के दौरा उसे एक्सक्यूटे करता है और उसके बाद उस डेटा पर निर्देशों के अनुसार जरुरी ऑपरेशन कर हमें रिजल्ट को प्रोवाइड करती है डिजिटल कंप्यूटर के एक्साम्प्ले कुछ इस तरह है जैसे स्मार्टफोन, PC इत्यादि।

 

हाइब्रिड कंप्यूटर

हाइब्रिड कंप्यूटर बहुत ही एडवांस और स्टिक आंकड़ा बताने वाले कंप्यूटर होते है ऐसे कंप्यूटर में डिजिटल और हाइब्रिड दोनों का मिश्रण होता है हाइब्रिड कंप्यूटर का अविष्कार इसलिए किया गया है जिससे एनालॉग और डिजिटल कंप्यूटर दोनों के आपूर्ति को पूरा किया जा सके। और इस तरह एक दोनों कंप्यूटर की काम को एक ही कंप्यूटर की हेल्प से किया जा सकता है हाइब्रिड कंप्यूटर बड़े से बड़े कैलकुलेशन को कुछ ही सेकंडो के अंदर कर सकता है और ये इसमें लगे एनालॉग सिस्टम की हेल्प से हो पता है

जब डिजिटल कंप्यूटर और हाइब्रिड कंप्यूटर को एक साथ शामिल करने से मुश्किल से मुश्किल इक्वेशन को तुरंत हल करना संभव हो पाया है यदि इसको और भी आसान शब्दों में कहे तो हाइब्रिड कंप्यूटर हाई स्पीड के साथ साथ सही उत्तर भी देता है हाइब्रिड कंप्यूटर का इस्तेमाल बड़े से बड़े इक्वेशन को हल करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है और हाइब्रिड कंप्यूटर का इस्तेमाल मेडिकल और रिसर्च के क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाता है। तो चलिए अब हाइब्रिड कंप्यूटर के कुछ एक्साम्प्ले देखते है। जैसे इ0सी0जी मशीन इत्यादि।

 

उद्देशय (Purpose)आधार पर Computer 

  1. General Purpose Computer
  2. Special Purpose Computer

 

General Purpose Computer

आप और हम जिस कंप्यूटर का इस्तेमाल करते है वो सभी के सभी General Purpose Computer (सामान्य उद्देश्य कंप्यूटर) होते है अगर आप इस पोस्ट को किसी कंप्यूटर में पढ़ रहे है तो वो सामान्य उद्देश्य कंप्यूटर में ही पढ़ रहे होंगे। सामान्य उद्देश्य कंप्यूटर एक ऐसा कंप्यूटर होता है जो कई सारे काम को कर सकता है ऐसे कंप्यूटर का इस्तेमाल आर्गेनाइजेशन, रिसर्च, स्टोर, जॉब्स इत्यादि में किया जाता है। आज सामान्य उद्देश्य कंप्यूटर का इस्तेमाल हर जगह हो रहा है।

 

Special Purpose Computer

तो  Special Purpose Computer की बात की जाये तो इसके नाम से पता चल रहा है ऐसे कंप्यूटर को Special Purpose के लिए डिज़ाइन किया होता है ऐसे कंप्यूटर एक ही टास्क को बार बार करने के लिए किया जाता है। यानि ऐसे कंप्यूटर की कार्य एक ही टास्क को बार बार करने के लिए किया जाता है और ये कंप्यूटर जिस भी टास्क को करने के लिए बनाया जाता है वे उसी काम को स्टिक से करते है। जैसे ट्रैफिक नियंत्रण करना, मौसम का जानकारी देना, वीडियोस गेमिंग, नेविगेशन सिस्टम, इत्यादि। और ऐसे कंप्यूटर दूसरे कंप्यूटर की अपेक्षा बहुत तेज होते है परन्तु Special Purpose कंप्यूटर विभन्न कामो को एक साथ नहीं कर सकता है।

 

आकार के आधार पर 

  1. Micro Computer (माइक्रो कंप्यूटर)
  2. Mini Computer (मिनी कंप्यूटर)
  3. Mainframe Computer (मेनफ्रेम कंप्यूटर)
  4. Super Computer  (सुपर कंप्यूटर)

 

माइक्रो कंप्यूटर

ये बहुत ही छोटा कंप्यूटर होता है और इस कंप्यूटर को एक यूजर के लिए डिज़ाइन किया जाता है जो एक समय में एक टास्क को परफॉर्म कर सकता है इस कंप्यूटर में ALU और CPU एक चिप के अंदर एक साथ लगे होते है। इस कंप्यूटर का आकर छोटा होने के साथ साथ बहुत ज्यादा हलका भी होता है जिसको हम एक जगह से दूसरे जगह आसानी से लेकर जा सकते है। और इस प्रकार कंप्यूटर का इस्तेमाल सामान्य कार्य के लिए किया जाता है जैसे मनोरंजन, ऑफिस वर्क, सरकारी, शिक्षा बिभाग इत्यादि। Apple Notebook, Laptop माइक्रो कंप्यूटर की उदहारण है।

 

मिनी कंप्यूटर

अगर मिनी कंप्यूटर की बात की जाये तो ये कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर की अपेक्षा अधिक प्रोसेसिंग क्षमता वाले होते है और ये एक समय में कई सारे प्रयोग में काम कर सकते है। मिनी कंप्यूटर डेटा को माइक्रो कंप्यूटर के अपेक्षा अधिक संसोधित करता है। मिनी कंप्यूटर को Mid Range Computer भी कहा जाता है। जो की एक मल्टीयूज़र कंप्यूटर होता है।

 

मेनफ्रेम कंप्यूटर

ये अति क्षमता वाले कंप्यूटर है जो बहुत बड़े आकर के होते है और ऐसे कंप्यूटर डाटा को बहुत ही जल्दी संसोधित करते है। और ऐसे कंप्यूटर का इस्तेमाल बैंकों, बड़ी बड़ी आर्गेनाइजेशन, कंपनी और सरकारी विभाग में किया जाता है

 

सुपर कंप्यूटर

ये कंप्यूटर बहुत ही बड़े आकार के होते है जो की मल्टीयूज़र और मल्टीटास्किंग होते है यह कंप्यूटर बहुत ही तेज गति से डाटा को प्रोसेस करते है यानि ये कंप्यूटर पलक झपकते ही करोड़ों गणनाये को कर सकता है। सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल हर देश के गोवेर्मेंट अपने डिफेन्स सिस्टम और बड़े से बड़े Scientific रिसर्च में किया जाता है। इस कंप्यूटर कोई भी आम नागरिक इस्तेमाल नहीं कर सकता है। और इस कंप्यूटर का इस्तेमाल मौसम की जानकारी के लिए भी किया जाता है पहला सुपर कंप्यूटर क्रे-1 है जो वर्ष 1976 में क्रे रिसर्च कंपनी दौरा बनाया गया था। भारत का पहला कंप्यूटर परम-10000 है

 

संक्षेप में

आज हमें Types of Computer in Hindi के बारे में पूरी डिटेल साझा की है जो आपको पसंद और समझ दोनों आया होगा। अगर आपको हमारा पोस्ट अच्छा लगा है निचे कमेंट जरुर करे इसके साथ ही अगर आप कंप्यूटर के बारे में पूरी डिटेल में जानना चाहते है तो उसके लिए हमारे ब्लॉग में पहले से ही पोस्ट पब्लिश कर चूका हूँ। जिसमे मैं कंप्यूटर के बारे में हर पॉइंट को बताया है।  आपके पास किसी भी प्रकार की सुझाव है तो आप कमेंट करके बता सकते है हम आपके कमेंट का जवाब देने की कोशिश करेंगे।

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