TDS क्या है TDS कैसे भरे हिंदी में

TDS in Hindi:आज के इस पोस्ट में TDS से संबंधित चर्चा करेंगे। क्योकि टीडीएस एक बहुत ही महत्वपूर्ण टॉपिक है और इसके बारे में भी जानना बहुत ही ज्यादा जरुरी है। अगर हम टीडीएस की फुल फॉर्म की बात करे तो टीडीएस का फुल फॉर्म होता है Tax Deducted at Source. जो एक सिस्टम है और ये सिस्टम भारत में रह रहे सभी लोगो पर लागु होता है।

टीडीएस भारत सर्कार का ऐसा तरीका है। जिससे Tax काटती है। जिअसे टैक्स की चोरी पर रोक लगाया जा सके। अपने कई बार कला धन के बारे में तो जरूर सुना होगा। क्योकि जब भारत में नोट बंदी हुआ था।

उस समय भारत में बहुत सारा कला धन जब्त किया गया था। कला धन वही होता जो बिना सर्कार को टैक्स दिए पैसे कमाए गए होते है। और उस धन का हिसाब सरकार के पास भी नहीं होता है। इसलिए टीडीएस जिसे Tex Deducted at Source कहा जाता है उसके हेल्प से टैक्स की चोरी पर रोक लगया जा सकता है।

TDS को शुरू करने का मकशद था, इनकम सोर्स पर ही टैक्स काट लेना। यानि अगर किसी व्यक्ति की कोई आय होती है तो उस आय से टैक्स की रकम को काट कर बाकि बचे आय को व्यक्ति को दे देना। और टैक्स के रूप में काटे गए रकम को ही टीडीएस कहा जाता है।

TDS Full-Form – Tex Deducted at Source

TDS Kya Hai

तो चलिए अब देखते है TDS क्या है तो Tax Deducted at Source यानि (TDS) को इनकम टेक्स डिपार्टमेंट के द्वारा बना गया एक सिस्टम है और किसी व्यक्ति के सेलेरी , प्रोफेशनल फीस, कमीशन, इंटरेस्ट, रेंट, इत्यादि पर लगता है।

ये किसी व्यक्ति के सोर्स पर लगता है। मतलब मानलीजिए अगर अपने बैंक में फिक्स डिपाजिट किया है अब अगर वंहा टीडीएस बन रहा है तो बैंक आपके आय में से टीडीएस के रकम को काट कर बाकि बचा पैसा आपको दे देता है।

अगर इसको और भी सरल भाषा में समझे तो टीडीएस Income Tex Department द्वारा बनाया गया एक ऐसा रूल है जिसके माध्यम से अगर किसी व्यक्ति कोई इनकम होती है तो उसी समय टैक्स को काट लिया जाता है।

उसके बाद ही इसको इनकम के बाकी पैसे मिलते है। यानि अगर आज मेरा किसी भी प्रकार का इनकम होता है जिस इनकम सोर्स को टीडीएस एक्ट में रखा गया है। तो तुरंत ही टीडीएस काट लिया जाता है। इसके लिए दूसरे दिन या कोई और समय का इंतजार नहीं करना होता है।

TDS Income Source कटौती

तो चलिए अब हम समझते है कौन कौन से ऐसे इनकम सोर्स पर TDS को काटा जाता है। अगर देखा जाये तो बहुत सारे ऐसे इनकम सोर्स है जिसके ऊपर टीडीएस की कटौती की जाती है। और उनके कई अलग अलग नियम और शर्ते है। परन्तु हम कुछ मुख्य आय सोर्स के बारे में जानेंगे। जिसके ऊपर TDS लगता है।

Interest (व्याज) – यदि किसी भी व्यक्ति की ब्याज के माध्यम से एक साल में 10,000 से ज्यादा की इनकम होती है तो 10% टीडीएस कटा जाता है।

Commission (आयोग) – कमीशन में अगर किसी भी व्यक्ति की कमीशन के माध्यम से एक साल में 5,000 से ज्यादा का इनकम होता है तो 5% टीडीएस की कटौती की जाती है।  ऐसे ही अलग अलग इनकम सोर्स पर अलग अलग टीडीएस की कटौती की जाती है।

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TDS  Kyo Kata Jata hai

अब हमारे बहुत सारे ऐसे दोस्त है जिन्हें ये नहीं पता है की आखिर टीडीएस क्यों कटा जाता है आखिर इसकी जरुरत क्यों पड़ी। तो इसकी आवश्यकता टैक्स की चोरी होने के कारण पड़ी, क्योकि बहुत सारे ऐसे लोग जो इनकम टैक्स का Return फाइल नहीं करते है। जिससे सरकार को उनके इनकम के बारे में पता ही नहीं चलता है जिसको कला धन भी कहा जाता है। जिसको देखते हुए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टीडीएस सिस्टम को लागु किया।

जिससे अगर किसी को इनकम होते है तो सबसे पहले टीडीएस काट लिया जाता है उसके बाद ही बचे इनकम को दिया जाता है। मानलीजिए अपने बैंक पैसा फिक्स डिपाजिट किया है।

अब जब आप अपने पैसे को निकालना चाहते है तो फिक्स डिपाजिट किये गए पैसे पर मिलने वाले इंटरेस्ट रेट के हिसाब से आपका जितना भी ब्याज मिलता है उसके ऊपर TDS Percentage के हिसाब से बैंक पैसे काट लेता है उसके बाद बचे हुए पैसे को आपको देता है। और आपके काटे गए TDS को बैंक इनकम डिपार्टमेंट को सबमिट करता है। तो कुछ इस प्रकार से टैक्स चोरी पर रोक लगाया गया है।

 

TDS Kaise Kata Jata Hai

 

कोई भी कंपनी हो कोई संस्था जो TDS के दायरे के अंदर आते है जो किसी प्रकार का भुगतान कर रहा है वो रकम के हिसाब से टीडीएस की कटौती कर सकता है। यानि कोई कंपनी अपने Employ को सैलरी देती है तो वो कंपनी टीडीएस काट सकती है।

परन्तु उस कंपनी को टीडीएस के दायरे में होना चाहिए। तभी वो सैलरी को देते समय टीडीएस की कटौती कर सकती है। और जिस व्यक्ति के आय से टीडीएस काटता है उसे एक सर्टिफिकेट मिलता है।

जो TDS काटता है उसे डिडक्टर कहा जाता है और जिसके आय से टीडीएस का रकम काटता है उसे डिटक्टी कहा जाता है। डिटक्टी अपने चुकाए गए टैक्स को क्लेम कर निकाल भी सकता है परन्तु ऐसा वो सिर्फ वित्तीय वर्ष के अंदर ही कर सकता है। जो भी डिडक्टर होता है उसकी जिम्मेदारी होता है की कटौती के रकम को सरकार के खता में जमा करें।

 

TDS Rates

Nature of Payment Section TDS Rate 
Salary payment 192 As per the income tax and category
Income earned through the winnings from card games, lotteries, and/or other games 194B 30
Income winnings from horse racing 194BB 30
Payment Toward National Savings Scheme (NSS) deposit 194EE 10
Payment repurchase of units by Unit Trust of India, Mutual Funds 194F 20
The income arises from lottery tickets, sales commissions or other transactions 194G 5
Investment fund 194LBB 10
Income generated by investments in securitization trust 194LBC 10

 

TDS Kaise Pay Kare

अभी तक हमने TDS क्या है इसके बारे में जानकारी ली है। इसके बाद बहुत सारे लोगों की प्रॉब्लम होता है टीडीएस को जमा करने में। तो चलिए अब हम जानते है कैसे टीडीएस को जमा कर सकते है। और इसके क्या क्या मेथड है।

तो अगर आप एक डिडक्टर है और टीडीएस जमा करना है तो उसके दो मेथड है जिसके माध्यम से हम TDS जमा कर सकते है।

  • Offiline
  • Online

Pay TDS Offiline – सबसे पहले हम टीडीएस जमा करने की ऑफलाइन तरीके बारे में जानते है तो अगर आप ऑफलाइन टीडीएस जमा करना चाहते है तो उसके लिए इंटरनेट से Challan 281 फॉर्म को डाउनलोड कर सकते है जब आप इंटरनेट से सॉफ्ट कॉपी को डाउनलोड कर लेते है तो उसका प्रिंट कर लें। प्रिंट करने के बाद उस फॉर्म को फील कर बैंक के माध्यम से TDS भर सकते है।

Pay TDS Online

अब अगर आपको ऑनलाइन टीडीएस को पे करना है तो उसके आप NSDL के वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन पेमेंट कर सकते है। या निचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके डायरेक्ट वेबसाइट पर पहुंच सकते है। तो Online TDS Payment करने के लिए निचे कुछ स्टेप दिए जिसको फॉलो कर आसानी से TDS Pay कर सकते है।

Pay TDS Online

How to Fill Form

1.जब आप निचे दिए गए लिंक पर क्लिक करते है तो आप NSDL के ऑफिसियल वेबसाइट पर पहुंच जायेंगे। और आपके सामने फॉर्म 281 खुल जायेगा।

2.यदि आप कंपनी का टीडीएस भरना है तो Company Deductees वाले ऑप्शन को सेलेक्ट करें। यदि आप कंपनी के आलवा किसी दूसरे संस्था, फर्म इत्यादि के लिए टीडीएस भरना चाहते है तो दूसरा ऑप्शन ((0021) Non-Company Deductees) को सेलेक्ट करें।

3. अगले स्टेप में आपको Type of Payment का ऑप्शन दिखेगा। जिसमे आपको ((200) TDS/TCS Payable by Taxpayer) वाले ऑप्शन को पर क्लिक करना है।

4.इस वाले ऑप्शन में अपने Nature of Payment वाले ऑप्शन को सेलेक्ट करना है यानि आप किससे सम्बंधित पेमेंट करना चाहते है उसे सेलेक्ट कर सकते है।

5.नेक्स्ट स्टेप में आपको (Mode Of Payment) का ऑप्शन मिलता है इसमें आपको दो ऑप्शन दिखेगा। यदि आप नेट बैंकिंग के माध्यम से पेमेंट करना चाहते है तो नेट बैंकिंग को सेलेक्ट करे। या डेबिट कार्ड के माध्यम से पेमेंट कर सकते है।

6.जब आप थोड़ा नीचे आते है तब आपको (Tax Deduction Account No) और Assessment Year का ऑप्शन मिलेगा। पहले वाले ऑप्शन में आपको अपने फॉर्म का Ten नंबर एंटर करना है और Assessment Year को सेलेक्ट करना है।

7.जब आप सभी ऑप्शन सेलेक्ट कर लेते है उसके बाद आपको अपने बेसिक ऑप्शन को भरना होता है। जैसे अड्रेस, पिन कोड, मोबाइल नंबर, और ईमेल आईडी इत्यादि।

सभी स्टेप पूरा करने के बाद आपको कॅप्टचा कोड को सॉल्व करना होता है उसके बाद निचे Process के बटन पर क्लिक करना है। उसके बाद आपके सामने नई पेज खुल जायेगा। जिसमे आप अपने पूरी डिटेल को चेक कर लेना है उसके बाद Submit वाले बटन पर क्लिक कर फॉर्म को सबमिट कर देना है। नेक्स्ट स्टेप में आपको ऑनलाइन पेमेंट का ऑप्शन जिसमे पेमेंट करने के बाद आपका TDS Online Payment कम्पलीट हो जायेगा।

 

TDS Kaise Check Kare

अब तक हमने TDS क्या है और उससे सम्बंधित सभी प्रकार के इनफार्मेशन को एक एक करके पूरा समझ लिया है। अब हम जानते है अगर हमें अपना TDS चेक करना है तो वो कैसे कर सकते है और उसका प्रोसेस क्या है।

1.सबसे पहले आपको इस वेबसाइट पर विजिट कर लेना है। (https://www.incometaxindiaefiling.gov.in/home)

2.अपने टीडीएस को चेक करने के लिए सबसे पहले आपको इस वेबसाइट पर रजिस्टर होना पड़ेगा। उसके लिए आप New to E -Filling (Register Your Self) वाले ऑप्शन पर कर रजिस्टर हो जाना है।

3.जब आप रजिस्ट्रेशन कम्पलीट कर लॉगिन हो जाते है उसके बाद आपको My Account टैब के अंदर (View Form 26AS (Tax Credit) इस ऑप्शन पर क्लिक कर ओपन पूरी स्टेटमेंट देख सकते है।

तो कुछ इस प्रकार से आप अपने टीडीएस से सम्बंधित सभी इनफार्मेशन के बारे में जानकारी ले सकते है।

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TDS in Hindi

तो आज के इस बेहतरीन टॉपिक में हमने TDS Kya Hai. TDS Rate, टीडीएस कैसे चेक करें इत्यादि से सम्बंधित जानकारी प्राप्त किया है। आशा है आपको ये पोस्ट अच्छा लगा होगा। अगर आपको ये पोस्ट अच्छा लगा है तो निचे कमेंट करके पूछ सकते है। यदि आपको रजिस्ट्रेशन से सम्बंधित किसी भी प्रकार के प्रॉब्लम आ रही है तो यूट्यूब पर टीडीएस से सम्बंधित बहुत सारे ऐसे वीडियोस है जिसमे टीडीएस के बारे में लाइव इनफार्मेशन दिया गया है।

अगर आपको किसी भी प्रकार का सवाल है जो आपको समझ में नहीं आया है तो निचे कमेंट करके उसका जवाब पा सकते है। अगर आप ऐसे ही बेहतरीन टॉपिक को अपने मेल बॉक्स में पाना चाहते है तो हमारे ब्लॉग को सब्सक्राइब जरूर करे। Thank You For Support

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