SSL क्या है कैसे काम करता है हिंदी में

दोस्तों आज का जो टॉपिक है वो बहुत ही इंटरेस्टिंग होने वाला है क्योकि आज हम SSL (Secure Socket Layer)के बारे में जनेंगे। SSL क्या है What is SSL in Hindi तो चलिए अब शुरू करते है अगर आप इंटरनेट का इस्तेमाल करते है या इंटरनेट के बारे में जानकारी रखते है तो आप SSL का नाम जरुर सुना होगा। आप में कुछ ऐसे भी लोग जो SSL के बारे में जानते है। कुछ ऐसे भी लोग है जो SSL के बारे में नहीं भी जानते होंगे। लेकिन आज हम SSL के बारे में ही जानने वाले है आखिर SSL क्यों इतना जरुरी है।

तो चलिए एक एक्साम्प्ले से समझते है। आज के समय में आप किसी वेबसाइट पर विजिट करते है तो सबसे पहले आप उस वेबसाइट के बारे में जानकारी लेते है जैसे क्या वो वेबसाइट ट्रस्टेड है या नहीं इसके लिए आप उस वेबसाइट के अड्रेस बार में HTTP या HTTPS देखते होंगे। जब आप किसी वेबसाइट के URL के सुरु में https को देखते है यानि वो वेबसाइट सिक्योर है। https के लास्ट में जो S लगा है उसका मतलब है Secure यानि वो वेबसाइट SSL का इस्तेमाल करती है।

क्या अपने कभी सोचा आज के समय में हम किसी भी वेबसाइट में या इ-कॉमर्स जैसे वेबसाइट में जाते है वहा से कुछ शॉपिंग करते समय आप अपने पर्सनल डिटेल्स को देते है जैसे Credit Card, Debit Card का डिटेल्स ऐसे में ये भी डर होता है कंही हमारे पर्सनल इनफार्मेशन को कोई हैकर गलत इस्तेमाल न कर ले। और भी ऐसे बहुत Banking साइट्स है जंहा NetBanking की हेल्प से आप ऑनलाइन transcation करते है ऐसे में आप अपने कार्ड और बैंकिंग के इनफार्मेशन को भी Fill करते है।

इस तरह हमारा इनफार्मेशन को कोई हैक भी कर सकता है। लेकिन इस समाधान को हल करने के लिए SSL Certificate का इस्तेमाल किया जाता है जिससे वेबसाइट सिक्योर हो जाता है और कोई भी आसानी से वेबसाइट को हैक नहीं कर सकता है। तो चलिए अब हम SSL Certificate के बारे में पुरे डिटेल्स में जानते है।

 

SSL क्या है? SSL in Hindi

SSL (Secure Socket Layer) एक प्रकार का Internet Protocol है जो वेबसाइट के विजिटर और वेबसाइट एक सिक्योर Tunnel क्रिएट करता है जिससे हमारे वेबसाइट का इनफार्मेशन सिक्योर होता है। यु कहे तो ये ब्राउज़र और वेबसाइट के बिच सिक्योरिटी प्रोवाइड करता है। SSL का इस्तेमाल वंहा सबसे जरुरी होता है जंहा वेबसाइट और विजिटर के बिच किसी इनफार्मेशन को आदान प्रदान हो रहा हो। जैसे नेट बैंकिंग में SSL का मुख्य रोल होता है ये आपके इन्फोर्मशन को encrrupt कर देता है जिससे कोई भी थर्ड पार्टी (हैकर)आपके इनफार्मेशन को हैक नहीं कर सकता है।

ssl kya hain hindi me

आज कल SSL का इस्तेमाल सभी वेबसाइट में हो रहा है जब कोई भी वेबसाइट SSL का इस्तेमाल करता है तो उस वेबसाइट का सभी इनफार्मेशन को सिक्योर हो जाता है। जब किसी भी वेबसाइट में SSL से Secure होता है तो उस वेबसाइट के URL में आपको HTTP की जगह HTTPS लिखा होता है। यानि अगर कई Website SSL का इस्तेमाल नहीं करती ही है तो वेबसाइट का यूआरएल कुछ इस तरह होगा जैसे https://www.mytechinfo.in इसमें सिर्फ http लिखा होगा और वेबसाइट के यूआरएल बार में Red Color के Simble के साथ Connecation Not Secure भी सीखा होता है। देखने के लिए यूआरएल में क्लिक करे।

अगर वेबसाइट SSL Certificate का इस्तेमाल करती है है तो उस वेबसाइट का URL कुछ इस तरह होगा https://www.myechinfo.in इसमें आपको http के जगह https होगा। s मतलब Secure होता है यानि ये वेबसाइट ssl का इस्तेमाल करती है।

 

SSL कैसे काम करता है

अब तक तो हमने ssl kya Hai इसके बारे में पुरे डिटेल में जाना है लेकिन अब हम ssl के वर्किंग के बारे में जानेंगे। SSL सर्टिफिकेट दो तरह की Key का इस्तेमाल कर डाटा को सिक्योर करता है। पहला Public Key दूसरा Private Key. जब कोई यूजर किसी वेबसाइट की डाटा को एक्सेस करना चाहता है ये दोनों Keys का मुख्य रोल होता है पहला Public Key जो की डाटा को Encrypt करता है दूसरा Private Key जो Encrypt डाटा को Decrypt करता है।

तो अब इसको और भी आसान भाषा में समझते है, मान लीजिए आपको फेसबुक में आपका आकउंट है आप उस अकाउंट में लॉगिन होना चाहते है इसके लिए आप अपना Username और Password को एंटर पर क्लिक करते है जिसके बाद Public Key आपके Username कर Password को Encrypt कर देता है।

उसके बाद उस इनफार्मेशन को फेसबुक सर्वर के पास भेजता है जिसके बाद वह इनफार्मेशन सर्वर के पास जाकर Decrypt होता होता है इसके लिए ssl Private Key का इस्तेमाल करता है जब दोनों SSL Key आपस में मिलते है उसके बाद आप आप जिस भी इनफार्मेशन के लिए Request किये होते है वो एक्सेस कर पाते है।

जब हमारा इनफार्मेशन Encrypt होता है तो वो Plan Text से Convert होकर Cipher Text में हो जाता है जिसे कोई इंसान तब तक नहीं पढ़ सकता है जब तक वो Decrypt नहीं होता है। इस तरह अगर कोई हैकर उस इनफार्मेशन को हैक भी कर लेता है तो उसके पास Cipher Text के फॉर्मेट में इनफार्मेशन मिलती है जिसको कोई इंसान डिक्रिप्ट नहीं कर सकता है।

ssl इनफार्मेशन को Encrypt करने के लिए ssl 2048 bit और 256 बिट Encryption का इस्तेमाल करता है। इसके लिए वो RSA (Rivest–Shamir–Adleman) का इस्तेमाल करता है। ये एक मैथमेटिक्स algorithm है जो डाटा को Encrypt और decrypt करने के लिए करते है।

 

SSL के प्रकार? Types of SSL in Hindi

तो चलिए अब इसके अलग अलग प्रकार के बारे में जानते है। ssl कई प्रकार के होते है जो अलग अलग प्रकार के वेबसाइट के Requirement के हिसाब से इस्तेमाल किये जाते है। इसके बारे में हम एक एक करके जानते है।+

DV SSL Certificate

इस प्रकार का SSL का बेसिक टाइप्स होता है इसका इस्तेमाल Domain Validation जिसे शार्ट में DV कहा जाता है। इस तरह का SSL सर्टिफिकेट का इस्तेमाल ऐसे वेबसाइट पर किया जाता है जिसमे कोई डाटा ट्रांसफर नहीं हो रहा हो। जैसे मानलीजिए आपका एक ब्लॉग है तो आप इस सर्टिफिकेट का इस्तेमाल कर सकते है। क्योकि Normally एक ब्लॉग में इनफार्मेशन को सिर्फ रीड करते है इसमें किसी भी प्रकार का पेमेंट गेटवे या Account Validation नहीं होता है।

OV SSL Certificate

ऐसे Organization Validation SSL भी कहा जाता है इस प्रकार के SSL को Organization वेबसाइट के लिए इस्तेमाल किया जाता है इससे ये भी पता चलता है ये वेबसाइट फेक नहीं है। इस SSL में वेबसाइट के यूआरएल बार में एक पेडलॉक का आइकॉन बना होता है। इससे ये पता पता चलता है ये वेबसाइट सिक्योर है।

SAN SSL Certificate

Subject Alternative Name SSL मान लीजिए आपके पास 4 से 5 वेबसाइट है जो की एक ही सर्वर पर होस्ट है इस इस्तिथि अगर आप अपने सभी वेबसाइट के अलग अलग ssl खरीदते है तो ये आपको बहुत ज्यादा कॉस्टली भी पड़ेगा। और इसके साथ ही सभी को अलग अलग वेबसाइट के Database में इनस्टॉल भी करना पड़ेगा।

लेकिन अगर आप SAN ssl का इस्तेमाल करते है तो आपको सिर्फ एक ही SSL जिसे SAN ssl कहा जाता है ये SSL उस सर्वर को ही सिक्योर कर देता है जिसपे आपके सभी के सभी वेबसाइट होस्ट है। इस तरह आप जितने भी वेबसाइट को उस सर्वर पर होस्ट करते है वो आटोमेटिक सिक्योर हो जाता है।

Wildcard SSL

इस SSL का इस्तेमाल से आप एक ही डोमेन के मल्टीप्ल Sub Domain पर भी SSL लगा सकते है। ये Sub Domain के लिए होता है अपने कई कुछ ऐसे वेबसाइट को देखते है जिसमे एक ही डोमेन के कई सारे Sub Domain होते है और वो सभी के सभी सिक्योर होते है इसके लिए Wildcard SSL का इस्तेमाल किया जाता है।

 

EV SSL Certificate

Extended Validation SSL ये SSL बहुत ही सिक्योर और कॉस्टली होता है ये सभी ssl में सबसे ज्यादा सिक्योरिटी प्रोवाइड करता है इस प्रकार का ssl का इस्तेमाल बड़ी बड़ी आर्गेनाइजेशन अपने कंपनी के वेबसाइट के लिए करती है। जिस कंपनी को EV SSL लेना होता है सबसे पहले उस कंपनी की डॉक्यूमेंट को SSL कंपनी Verify करती है उसके बाद उस कंपनी SSL मिलता है।

 

SSL Certificate कहाँ से ख़रीदे

वैसे तो इंडिया में बहुत सारी ऐसी कंपनियां है जो SSL सर्टिफिक्टे प्रोवाइड कराती है लेकिन मैं कुछ ट्रस्टेड वेबसाइट के बारे में बताने वाला हूँ। जंहा से आप बहुत ही चीप प्राइस में SSL सर्टिफिकेट को खरीद सकते है। जैसे Godaddy, Bigrock, Cloudflare, ये सभी वेबसाइट आपको SSL Certifacate को प्रोवाइड कराती है इसके साथ ही इन सभी वेबसाइट से आप Domain और होस्टिंग भी परचेस कर सकते है।

यंहा से आप मंथली और इयरली बेस पर SSL सर्टिफिकेट को खरीद सकते है अगर आपका SSL Expiry हो जाता है तब आपको Renew भी करना पड़ता है। बहुत सारे ऐसे भी वेबसाइट है जंहा से आप होस्टिंग खरीदते है तो आपको DV SSL Certificate फ्री में मिल जाता है।

 

SSL सर्टिफिकेट के फायदे

अगर SSL की फायदे की बात की जाये तो इसके एक नहीं बहुत सारे फायदे है। अगर आप अपने वेबसाइट पर SSL Certificate का इस्तेमाल करते है तो आपका वेबसाइट हैकर से बचा रहता है। ऐसे कोई भी आसानी से हैक नहीं कर सकता है

अगर आपके वेबसाइट पर SSL Certificate है तो इससे आपके वेबसाइट पर आने वाले विजिटर को आपके वेबसाइट के ऊपर ट्रस्ट क्रिएट होता है। जिससे यूजर आपके वेबसाइट पर विजिट कर सकते है।

अगर आप SSL Certificate अपने वेबसाइट पर लगते है तो आपका वेबसाइट उन सभी वेबसाइट से ज्यादा रैंक करेगा। जो अपने वेबसाइट पर SSL Certificate का इस्तेमाल नहीं करते है उसको गूगल ने भी अप्प्रूव किया है। इसलिए अगर आपके वेबसाइट पर SSL Certificate नहीं है तो वेबसाइट की रैंकिंग में आपको काफी सारे दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

User Experience अगर आप किसी भी वेबसाइट पर जाते है अगर वह अकाउंट को क्रिएट करना है या कोई ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करना है तो सबसे पहले आप उस वेबसाइट को ट्रस्टेड है या नहीं उसके बारे में पता लगाते है। और इसके लिए आप उस वेबसाइट का SSL Certificate जरूर चेक करते है। तब जाकर उस वेबसाइट का इस्तेमाल करते है क्योंकि SSL Certificate पर्सनल डाटा को काफी ज्यादा सिक्योर कर देता है।

अगर किसी वेबसाइट पर SSL Certificate नहीं लगा है तो Chrome ब्राउज़र उस वेबसाइट को पहले ही ब्लॉक कर देता है यानि अगर आप क्रोम ब्राउज़र के हेल्प से आप ऐसे वेबसाइट को एक्सेस्स करते है जिसमे ssl सर्टिफिकेट नहीं लगा है तो Chrome ब्राउज़र उस वेबसाइट को एक्सेस नहीं होने देता है। इसलिए SSL Certificate का इस्तेमाल करना बहुत ही जरुरी है। जिससे यूजर वेबसाइट पर आने से किसी भी प्रकार का कोई रुकावट नहीं आये।

SSL Certificate वाले वेबसाइट बहुत ही जल्द लोड होती है ऐसे वेबसाइट को गूगल के सर्च इंजन ज्यादा Preference देती है रैंकिग में तो अगर आपका कई ब्लॉग है तो उसमे ssl का इस्तेमाल जरूर करें। बिना ssl के वेबसाइट का SEO कम हो जाती है।

 

संक्षेप

मुझे पूरा भरोसा है आपको What is SSL in Hindi के बारे में पूरा समझ आ गया होगा। अगर आप अपने वेबसाइट के लिए ssl को अफोर्ड नहीं कर पा रहे है तो आप Free SSL Certificate का भी इस्तेमाल कर सकते है। Free ssl Certificate के लिए आप Cloudflare का इस्तेमाल कर सकते है। इसमें आपको फ्री CDN मिलता है। अगर आपको हमरा पोस्ट अच्छा लगा तो शेयर जरूर कीजियेगा। इसके साथ किसी भी प्रकार का सवाल है निचे कमेंट करना न भूले है। अगर आप इस तरह का पोस्ट को पढ़ना चाहते है तो हमारे ब्लॉग को सब्सक्राइब जरुर करें।

 

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