Ethical Hacking क्या है पूरी जानकारी हिंदी में

तो आज का जो टॉपिक है वो Ethical Hacking के बारे में होने वाला है आज हम एथिकल हैकिंग के बारे पूरी जानकारी लेंगे। आज जितना ज्यादा टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा है उतना ही ज्यादा टेक्नोलॉजी का गलत भी इस्तेमाल हो रहा है अगर आप एक तरह से देखते है तो आपको हर जगह पर कंप्यूटर और मोबाइल का इस्तेमाल बहुत ज्यादा हो रहा है अगर आप टेक्नोलॉजी के बारे में थोड़ा भी जानकारी रखते है तो आपको साइबर क्राइम के बारे में कभी न कभी जरूर सुना होगा। अगर नहीं जानते है तो मैं आपको बेसिक आईडिया दे देता हूँ।

साइबर क्राइम में कोई पर्सन जो कंप्यूटर के गलत इस्तेमाल से किसी दूसरे व्यक्ति के इनफार्मेशन को चुरा लेता है वो इनफार्मेशन किसी भी प्रकार का हो सकता है जैसे जरुरी फाइल फोल्डर, डिजिटल डॉक्यूमेंट हो सकता है। ऐसे गलत काम को जो लोग अंजाम देते है उसे हैकर कहा जाता है। जो किसी दूसरे के कंप्यूटर को गलत तरीके से हैक यानि अपने कण्ट्रोल में कर लेते है लेकिन आज हम एथिकल हैकर के बारे में जानने वाले है जो हमें हैकर से बचाते है Ethical Hacker कंप्यूटर के इस्तेमाल से हमे प्रोटेक्ट करते है।

तो चलिए अब हम एथिकल हैकर के बारे में जानते है। और ये भी जानते है एथिकल हैकर अपने काम को कैसे करता है। अगर आप भी Ethical हैकर बनाना चाहते है उसके लिए क्या क्या करना होगा। Ethical Hacking Complete Details in Hindi

 

हैकिंग क्या है Hacking in Hindi

अगर आप हैकिंग का हिंदी में मतलब समझे तो सबसे पहले हैकिंग मतलब होता है चोरी करना। लेकिन टेक्नोलॉजी फील्ड में हैकिंग का मतलब होता है किसी भी टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल करना। आज के समय में हैकिंग इतना ज्यादा पॉपुलर हो गया है की हर कई अपने आप को हैक होने से बचाना चाहता है। हैकिंग में कोई भी पर्सन जब किसी कंप्यूटर डिवाइस के कमियों को ढूंढ कर उसका गलत इस्तेमाल करता है उसे हम हैकिंग सकते है।

हैकिंग में एक व्यक्ति होता है जो कंप्यूटर के इस्तेमाल से आपके कंप्यूटर या किसी अन्य डिजिटल सर्विस को अपने कण्ट्रोल में कर लेता है इसके लिए वो कंप्यूटर और इंटरनेट का इस्तेमाल करता है। कई बार अपने हैकिंग के बारे में सुना भी होगा या किसी मूवीज में देखा भी होगा। इस काम जो अंजाम देता है उसे हैकर कहा जाता है।

हैकर आपके कंप्यूटर मोबाइल या नेटवर्क को बिना आपके परमिस्शन के आपने कण्ट्रोल में कर लेता है और सिस्टम पर मौजूद इनफार्मेशन को चुरा लेता है। जो की बिलकुल Illegal है अगर कोई व्यक्ति ऐसा करते हुए पकड़े जाते है तो उनको जेल भी सकती है। लेकिन हैकिंग पूरी तरह से Illegal नहीं है अगर आप हैकिंग का इस्तेमाल सही ढंग से करते है तो आपको किसी भी प्रकार का दिक्कत नहीं होगा। हैकिंग सही भी है और गलत भी है आगे हम इसी के बारे में जानेंगे।

 

हैकर किसे कहते है

हैकर वो व्यक्ति होता है जो बिना परमिशन के किसी भी दूसरे व्यक्ति के कंप्यूटर, मोबाइल, वेबसाइट या सोशल मीडिया की कीमियों को ढूंढ कर पर्सनल इनफार्मेशन या डाटा को चुरा लेता है ऐसे लोगों को हैकर कहाँ जाता है ये बहुत ख़तनाक होते है ये आपके किसी भी प्रकार के पर्सनल इनफार्मेशन जो इंटरनेट से जुड़ा हुआ है उसे चुरा सकते है जैसे आपका नेट बैंकिंग डिटेल्स, सोशल मीडिया, कोई पासवर्ड या आपके कंप्यूटर या मोबाइल में मौजूद डाटा को भी चुरा सकते है। यहाँ तक की ये आपके पर्सनल डाटा को एक्सेस कर लेते है उसके बाद आपको ब्लैकमेल करना शुरू कर देते है

अगर कोई हैकर है तो उसके पास कंप्यूटर के बारे में एडवांस लेवल तक की जानकारी होती है जो किसी और आम आदमी को उतना ज्यादा जानकारी नहीं होती है ऐसी जानकारी का इस्तेमाल कर वो आपके डिवाइस को कही भी रहकर हैक यानि अपने कण्ट्रोल में कर सकते है।

अपने कई बार सुना भी होगा किसी के बैंक अकाउंट से पैसे गयाब हो जाते है और पता भी नहीं चलता है। आज के समय हर कोई इंटरनेट से जुड़ा है आपके मोबाइल से लेकर आपके कंप्यूटर तक सभी के सभी इंटरनेट से कनेक्ट रहते है यंहा तक की आप अपना कोई सामान भी ऑनलाइन मंगाते है तो आप अपना पूरा डिटेल्स को देते है जैसे पर्सनल इनफार्मेशन और बैंक डिटेल्स इसी का फयदा हैकर उठाते है।

 

 

हैकिंग का इतिहास

जब इंटरनेट का आगमन इस दुनिया में हुआ उसी के साथ ही हैकिंग का भी आगमन इस दुनिया में हुआ दरसल हैकिंग शब्द का इस्तेमाल पहली बार 1960 की दसक अमरीका की मेसेच्युसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नॉलॉजी MIT में हुआ था। अगर हैकिंग शब्द क अर्थ की बात करे तो इसका अर्थ होता किसी भी काम चतुराई और सही ढ़ंग से करना।

उन समयों के दौरान कंप्यूटर मेनफ्रेम थे, जो नियंत्रित क्षेत्रों में बंद रहते थे, इन मशीनों को चलाने के लिए बहुत पैसे खर्च करने पड़ते, इसलिए प्रोग्रामर्स की पहुंच इन तक नहीं थी। होशियार छात्रों, आमतौर पर MIT के छात्रों में इस बात को लेकर एक उत्सुकता होती है कि चीजें कैसे काम करती हैं। इसलिए, सबसे चतुर लोगों ने कंप्यूटिंग कार्यों को और अधिक तेजी से पूरा करने के लिए “हैक्स”, प्रोग्रामिंग शॉर्टकट्स का निर्माण किया।

 

एथिकल हैकिंग क्या है

आज कल दुनिया में हैकिंग के बारे में काफी ज्यादा चर्चा हो रहा है। कई बड़ी कम्पनियाँ हैक हो रही है जिससे के कारण कई बड़ी कम्पनिया एथिकल हैकर्स को काम दे रही है। तो चलिए अब जानते है एथिकल हैकर होता कौन है। एथिकल हैकर एक हैकर जैसे ही सिस्टम के अंदर कमियों को ढूंढता है अंतर बस इतना है जो एथिकल हैकर होता है ये सभी काम क्लाइंट के परमिशन लेकर करता है जबकि एक आम हैकर बिना किसी से अनुमति लिए सिस्टम को हैक करता है। जब किसी एथिकल हैकर को किसी सिस्टम के अंदर किसी प्रकार की कमियाँ मिलती है तो अपने क्लाइंट को उस कमियों के बारे में बताता है। यही कारण है की एथिकल हैकर लीगल है।

 

Ethical Hacker Goals in Hindi

तो चलिए अब हम एक एथिकल हैकर की गोल्स की बात करते है यानि जब कोई कंपनी किसी एथिकल हैकर को जॉब देती है वो कंपनी इस हैकर से क्या क्या एक्सेपेक्ट करती है अगर हम किसी एथिकल हैकर्स की गोल्स की बात करे तो एक एथिकल हैकर्स की तीन गोल्स होते है।

Protect Company Data किसी भी एथिकल हैकर का सबसे पहला गोल है वो है कंपनी के डाटा के प्रोटेक्ट करना है ब्लैक हैट हैकर से और उसको अपने कंपनी के डाटा को सभी प्रकार से सुरक्षित रखना है जिससे कंपनी की कोई भी डिजिटल डाटा हैक न हो।

Details Report किसी भी एथिकल हैकर के लिए दूसरा गोल होता है उसे अपने क्लाइंट को Weakness और Vulnerability के बारे में रिपोर्ट देना है उसे उस रिपोर्ट में अपने क्लाइंट को उस वीकनेस और वल्नेरेबिलिटी के बारे में बताना है इसके साथ ही उसे ये भी बताना है वो इस वीकनेस को कैसे ढूढ़ा है और उसे ये भी बताना है वो इस वीकनेस को कैसे ठीक करेगा।

 

एथिकल हैकर का महत्व

किसी भी कंपनी के एथिकल हैकर का महत्व बहुत ज्यादा होता है क्योकि आज कल तरह तरह के हैकिंग अटैक होते रहते है और इसके साथ ही किसी भी कंपनी के लिए उसके कंपनी के डाटा सबसे महतवपूर्ण होता है अगर किसी कारण से कंपनी का डाटा हैक हो जाता है तब वो कंपनी बर्बाद हो सकती है इसलिए जब कोई कंपनी किसी एथिकल हैकर्स को काम पर रखता है तो इन सभी से बचता है एक एथिकल हैकर किसी भी कंपनी के डाटा को प्रोटेक्ट करने के लिए एक आम हैकर की तरह न सोचकर उनसे भी आगे सोचता है जिससे कंपनी को प्रोटेक्ट किया जा सके।

 

हैकर कितने प्रकार के होते है

हैकर्स तीन प्रकार के होते है जिनका काम भी अगल अलग होता है मैं आपको पहले भी बता चूका हूँ सभी हैकर गलत काम को नहीं करते है आज के समय आप हैकिंग पढाई भी कर सकते है और उसके बाद अच्छे पैसे को काम सकते है। जो हैकिंग को सरकार भी बढ़ावा देती है जो अच्छे कामों के लिए इस्तेमाल किये जाते है। तो चलिए अब हम हैकर्स के टाइप्स के बारे में पुरे डिटेल्स में समझते है जिसके बाद आपको ये पता चल जायेगा कौन से हैकर अच्छे और कौन से हैकर बुरे होते है।

  1. Black Hat Hacker
  2. White Hat Hacker
  3. Grey Hat Hacker

 

Black Hat Hacker

ब्लैक हैट हैकर जो की सबसे खतरनाक हैकर होते है इनके पास कंप्यूटर और इंटरनेट की एडवांस लेवल तक की जानकारी होती है Black Hat Hacker वो हैकर होते है जो आपके कंप्यूटर मोबाइल या सोशल मीडिया या कोई और डिवाइस जो इंटरनेट से कनेक्ट है उसे बिना आपके परमिशन हैक कर लेते है यानि आपके पर्सनल इनफार्मेशन पर अपना कण्ट्रोल जमा लेते है।

इसके साथ ही Black Hat Hacker आपके इंटरनेट के गतिविधियों पर निगरानी करते है ये पता लगते है आपने इंटरनेट पर क्या इस्तेमाल किया है और अगर आप इंटरनेट पर ऑनलाइन बैंकिंग या कही Transaction करते है तो ये आपके बैंक की डिटेल्स को आसानी से हैक कर सकते है। ब्लैक हैट हैकर अपने आप को सभी से छुपा कर रखते है।

 

White Hat Hacker

अगर ब्लैक हैट हैकर और वाइट हैट हैकर की डिफरेंस की बात तो इन दोनों में ज्यादा अंतर नहीं है White Hat Hacker ब्लैक हैट हैकर की उल्टा काम करता है यानि ऐसे हैकर प्रॉमिशन लेकर कंप्यूटर की कमियों को ढूढते है उसके बाद से उस कमी को कंप्यूटर के Owner को बताते है उसके बाद से उसको फिक्स कर देते है अगर सीधा उदहारण में समझे तो White Hat Hacker अच्छे हैकर होते है जो बुरे हैकर से आपको प्रोटेक्ट करते है। White Hat Hacker को बड़ी बड़ी कम्पनियाँ अपने कंपनी के नेटवर्क को प्रोटेक्ट करने के लिए रखती है।

ये कंपनी की सिक्योरिटी को टेस्ट करते है उसके बाद से उसमे होने वाले कमियों को फिक्स करते है। आज कल हैकिंग अटैक एक आम बात हो गया है इसलिए जितने भी कम्पनियाँ है वो अपने कंपनी के नेटवर्क को प्रोटेक्ट करने के लिए अच्छे से अच्छे वाइट हैट हैकर को जॉब देती है।

Grey Hat Hacker

इन दोनों के बाद जो हैकर्स की Category आती है उसे Grey Hat Hacker कहाँ जाता है ये हैकर वाइट हैट हैकर और ब्लैक हैट हैकर दोनों का मेल होता है ये लोग बिना क्लाइंट के इनफार्मेशन के सिस्टम को हैकर करते है उसके बात क्लाइंट को बताते है Grey Hat Hacker ज्यादा किसी का नुकसान नहीं पहुंचते है ऐसे हैकर अपने स्किल को और ज्यादा बढ़ाने के लिए भी हैकिंग टेक्निक्स का इस्तेमाल करते है। मतलब ये हैकर सीखने के लिए भी हैकिंग करते है। ये हैकर बिना बताये सिस्टम को हैक करते है परन्तु किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाते है इसलिए इन्हे Grey Hat Hacker कहा जाता है।

Script Kiddie

ये ऐसे हैकर होते है जिनके पास हैकिंग फील्ड में ज्यादा नॉलेज नही होता है ये किसी सिस्टम को हैक करने के लिए Script का इस्तेमाल करते है जो किसी दूसरे के दौरा लिखा गया होता है। यानि ऐसे हैकर हैकिंग के लिए Automation Hacking Tools का इस्तेमाल करते है जो किसी और दौरा बनाया गया होता है। इनके पास उस टूल के बारे में भी ज्यादा जानकारी नहीं होता है फिर भी वो उन टूल्स का इस्तेमाल कर हैकिंग प्रोसेस को परफॉर्म करते है। इसलिए उन्हें Script Kiddie (बच्चा) कहा जाता है।

 

Blue Hat Hacker

ब्लैक हैट हैकर का Compared हम व्हाइट हैट हैकर से कर सकते है क्योकि ये भी अपना स्किल को सिक्योरिटी फ्लॉस और सिस्टम को Analyze करने के लिए करते है इसके साथ ही वो किसी सिस्टम या डिजिटल प्रोडक्ट को मार्केट में रिलीज़ होने से पहले Vulnerabilities को चेक करते है।

 

Elite  Hackers

Elite Hacker बहुत ही पावरफुल हैकर होता है ऐसा हैकर सभी फील्ड में एक्सपर्ट होता है ऐसे हैकर कंप्यूटर और प्रोग्रामिंग के बारे में सभी हैकरो की अपेक्षा ज्यादा जानकारी रखते है Elite Hacker ही हैकिंग की तरीको को डिस्कवर करते है यानि Elite Hacker ही किसी भी सिस्टम को हैक करने की तरीको को ढूढता है।

 

Hacktivist

हैक्टिविस्ट ऐसे हैकर होता है जो सोशल, पोलिटिकल, और सरकरी वेबसाइट पर हैकिंग अटैक करता है यानि ये किसी भी कंपनी या आर्गेनाइजेशन को हैक कर उनके सेंसिटिव इनफार्मेशन को Publicly कर देता है। इसके साथ ही ये अपने हैकिंग स्किल का इस्तेमाल लोगो को गुमराह करने के लिए भी करते है ये सोशल मीडिया और गोवेर्मेंट वेबसाइट से छेड़खानी करते रहते है।

 

Types of Hacking In Hindi

ऐसे तो हैकिंग के बहुत सारे टाइप्स होते है वो निर्भर करता है हैकर के ऊपर वो किसी चीज को हैक करना चाहता है लेकिन दुनिया कुछ ऐसे हैकिंग है जो बार होता है सबसे ज्यादा हैकर्स उन्ही को टारगेट करते है। तो चलिए अब हम इसके बारे में जानते है।

 

Networking Hacking

इस प्रकार के हैकिंग बहुत बड़ा हैकिंग होता है इसमें हैकर किसी कंपनी और आर्गेनाइजेशन के नेटवर्क को हैक यानि उसपे अपना कण्ट्रोल बनना चाहता है अगर हैकर ऐसा करने में सक्सेसफुल हो जाता है तो उस नेटवर्क की पूरी कण्ट्रोल हैकर की हाथो में चला जाता है जिसके बाद से वो उस कंपनी में लगे सभी सिस्टम को हैक कर सकता है।

इसके लिए वो कई सारे टूल्स का इस्तेमाल करता है। जैसे Nmap, Tracert, Ping, इत्यादी इसलिए बहुत सारी कम्पनियाँ अपने कंपनी के नेटवर्क को प्रोटेक्ट करने के लिए वाइट हैट हैकर को अपने कंपनी में रखती है जो उस कंपनी के नेटवर्क को Analyze करता रहता है।

 

System Hacking

अगर सिस्टम हैकिंग के मुख्य गोल होता है किसी भी सिस्टम पर अपना एक्सेस जमाना। यानि इस प्रोसेस में हैकर जिस भी सिस्टम को हैक करना चाहता है उसके ऊपर अपना कण्ट्रोल बनाने की कोशिश करता है। सिस्टम हैकिंग में हैकर का सबसे पहला काम होता है Gaining access यानि सिस्टम के कण्ट्रोल को लेना इसके लिए वो कई बहुत सारे टेक्निक्स का इस्तेमाल करता है जैसे Password Cracking, Social Engineering, इसके आलावा हैकर Backdoor तैयार करता है जिसमे वो Malicious Software को तैयार करता है और उसके जरिये किसी भी सिस्टम पर अटैक करने की कोशिश करता है।

 

Password Cracking

अगर हम पासवर्ड हैकिंग की बात करें तो इसमें पासवर्ड क्रैकिंग का इस्तेमाल किया जाता है यानि अगर कोई हैकर आपके पासवर्ड को हैक यानि क्रैक करना चाहता है तो इसके लिए कई सारे टेक्निक का इस्तेमाल करता है इसके अंदर कई तरह के पासवर्ड को क्रैक किया जाता है वेबसाइट पासवर्ड, सोशल मीडिया अकाउंट पासवर्ड, वायरलेस पासवर्ड, इत्यादि। इन सभी पासवर्ड को हैक करने के लिए हैकर अलग अलग प्रकार के हैकिंग अटैक करता है इन सभी अटैक्स के बारे में हम सभी आगे जानने वाले वाले है।

 

Website Hacking

वेबसाइट हैकिंग इस तरह का हैकिंग बहुत ही खतरनाक होते है इसमें हैकिंग किसी भी वेबसाइट को हैक करता है इसके लिए वो SQL Injection का इस्तेमाल करता है अपने कई बार सुना भी होगा बहुत सारी बड़ी से बड़ी वेबसाइट आसानी से हैक हो जाती है वेबसाइट जो हैकर होता है वो वेबसाइट डेटाबेस पर अटैक करता है जिससे वेबसाइट की पूरी कण्ट्रोल हैकर के हाथो में आ जाती है।

 

Computer or Mobile Hacking

इस प्रकार की हैकिंग के बारे में हम हमेसा से सुनते आये है आज के समय में हर कोई अपनी सभी के सभी इनफार्मेशन आपने मोबाइल और कंप्यूटर में स्टोर करके रखते है। इसलिए अगर कोई हैकर आपके मोबाइल और कंप्यूटर को हैक कर लेता है तो वो आपके सारे इनफार्मेशन को चुरा सकता है इसके लिए हैकर Malicious सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करता है यानि बहुत बार आपको व्हाट्सप्प या फेसबुक पर लिंक दिखाई देता है जिसपे आपको क्लिक करने के लिए लिखा होता है अगर आप उस लिंक पर क्लिक करते है तो आपके डिवाइस के Backdoor पर कोई Malicious Software इनस्टॉल हो जाता है आपको पता भी नहीं लगता

 

है इसके आलावा हैकर Whatsapp और Email जैसे Messaging सेवा का इस्तेमाल करता है उसमे हैकर Malicious लिंक को आपके पास भेजता है अगर आप उस लिंक पर क्लिक करते है तो आपका डिवाइस आसानी से हैक हो जाता है लिंक पर क्लिक करने के लिए आपको लालच भी दिया जाता है जैसे अगर आप इस लिंक पर क्लिक करते है तो आपको Free Paytm Cash मिलेगा। इस लालच में कोई भी व्यकिती उस लिंक पर क्लिक कर देता है जिससे उस व्यक्ति का डिवाइस आसानी से हैक हो जाता है।

 

Types of Hacking Attacks in Hindi

  1. DDos Attack
  2. MITM Attack
  3. Phishing Attack
  4. SQL Injection Attack
  5. Ransomware Virus Attack
  6. Brute Force Attack
  7. Key logger Attacks

 

DDOS Attack

इसके बारे में जानते है DDos का फुल फॉर्म Distributed Denial of Service होता है जो की एक प्रकार का हैकिंग अटैक्स है इस तरह का हैकिंग अटैक किसी भी वेबसाइट को हैक करने के लिए किया जाता है। DDos अटैक का प्रयोग किसी वेबसाइट को बंद यानि डाउन करने के लिए किया जाता है अगर कोई हैकर किसी वेबसाइट पर DDos अटैक करता है तो उसके बाद उस वेबसाइट को कोई भी यूजर एक्सेस नहीं कर सकता है।

DDos अटैक में हैकर जिस भी वेबसाइट को टारगेट करना चाहता है उस वेबसाइट पर Fake ट्रैफिक को भेजता है यानि ये ट्रैफिक इतना ज्यादा होता है की उस वेबसाइट का सर्वर उस ट्रैफिक को हैंडल नहीं कर पता है जिससे वेबसाइट आटोमेटिक डाउन हो जाता है।

 

MITM Attack

Man in The Middle Attack जिसे शार्ट में MITM कहा जाता है इसमें जो attacker है वो दो यूजर, दो कंप्यूटर या क्लाइंट और सर्वर के बिच में रहता है और ये आपके डाटा को कैप्चर कर उसमे कुछ Changes कर उसके बाद उस डाटा को भेजता है।

मान लीजिए आपका कंप्यूटर एक क्लाइंट कंप्यूटर है जो किसी सर्वर से कनेक्ट है अब अगर आपको कुछ डाटा को अपने सर्वर के पास भेजना है जब आप उस डाटा को अपने सर्वर के पास भेजते है तब हैकर उस डाटा को बिच में ही हैक कर उस डाटा को कैप्चर कर लेता है जिसके बाद वो उस डाटा में कुछ बदलाव कर जैसे कोई Malicious प्रोग्राम को ऐड कर देता है उसके बाद उस डाटा को सर्वर के पास भेजता है जिससे आपका पूरा सिस्टम हैक हो जाता है ऐसी को हम Man in Middle Attack कहते है।

 

Phishing Attack

अगर आप Phishing Attack के बारे में नहीं जानते है तो आपको जानना चाहिए। फिशिंग अटैक एक ऐसा हैकिंग अटैक होता है जंहा हैकर आपके फेसबुक, जीमेल, नेटबैंकिंग पासवर्ड, कार्ड डिटेल्स को चुरा लेता है तो चलिए अब इसको एक उद्धरण से समझते है जैसे हम मछली को पकड़ने के लिए चारा फेकते है वैसे ही हैकर हमारे फेसबुक, जीमेल, नेटबैंकिंग पासवर्ड, कार्ड डिटेल्स को जानने के लिए लिंक भेजता है। जिसके हेल्प से वो हमारे ID और पासवर्ड को पता कर लेता है।

तो चलिए अब हम जानते है फिशिंग काम कैसे करता है। फशींग अटैक जीमेल, व्हाट्सप्प, फेसबुक या किसी सोशल नेटवर्किंग साइट की हेल्प से होता है। इसमें हैकर इन साइट की हेल्प से आपको एक Massage भेजता है जिसमे एक लिंक होता है जो की आपको लगता है एकदम रियल है जब आप उस लिंक पर क्लिक करते है तब आपके सामने एक पेज खुल जाता है वो पेज किसी भी प्रकार का हो सकता है जैसे फेसबुक, बैंकिंग, जीमेल या कोई और जिसमे आपका अकाउंट हो। जब आप उस पेज में अपना ID और पासवर्ड को एंटर करते हो तब आपका Id और पासवर्ड हैकर के पास चला जाता है क्योकि वो पेज Fake पेज होता है जो रियल वेबसाइट की तरह दिखता है।

आपको लगता है वह फेसबुक या बैंकिंग का ऑफिसियल वेबसाइट है पर वो उसका Phishing Page यानि फेक वेबसाइट होता है। कुछ इस तरह हैकर आपके डाटा को चुराते है इसलिए जब भी आप किसी वेबसाइट पर अपना पर्सनल इनफार्मेशन को एंटर करते है तब ये जरूर चेक कर ले क्या वह वेबसाइट ऑफिसियल वेबसाइट है या नहीं।

 

SQL Ingection Attack

Sql Injection एक प्रकार का Web attack है जिसका इस्तेमाल से हैकर किसी भी वेबसाइट के डेटाबेस में से सेंसटिव इनफार्मेशन को चुरा लेता है। किसी भी वेबसाइट का Database सबसे जरुरी इनफार्मेशन होता है क्योकि डेटाबेस में वेबसाइट की जितने भी username और Password होते है वो सभी के सभी रहते है इसके साथ ही डाटा बेस में वेबसाइट की अंदर क्या है उसकी पूरी डिटेल्स रहती है इसलिए अगर किसी वेबसाइट का डेटाबेस हैक हो जाता है तो हैकर के पास उस वेबसाइट की पूरी की पूरी डिटेल्स पहुंच जाती है

इसके लिए वो SQL Injection का इस्तेमाल कर किसी भी वेबसाइट की डेटाबेस को चुराने की कोशिश करता है। SQL एक प्रोगरामिंग लैंग्वेज है जो वेबसाइट के डेटाबेस के लिए काम कराती है इस लैंग्वेज का इस्तेमाल कर हैकर किसी भी वेबसाइट को हैक करता है।

 

Ransomware Virus attack

अभी तक हमने हैकिंग अटैक्स की अलग टाइप्स के बारे में जान चुके है उसी में से है Ransomware Virus Attack जो की बहुत ही खतरन अटैक है और आज कल इस प्रकार का अटैक बहुत हो रहे है। इस अटैक में हैकर आपके कंप्यूटर वायरस को इनस्टॉल करता है अगर वो वायरस आपके कंप्यूटर में इनस्टॉल हो जाता है तब हैकर आपके कंप्यूटर में मजूद सभी डाटा को लॉक यानि Encrypt कर देता है जिसके बाद आप आप कंप्यूटर की किसी भी डाटा को एक्सेस नहीं कर सकते है। इसके बाद हैकर आपको ब्लैकमेल या धमकी देता है अगर आप इतना पैसा देंगे तभी हम आपके सिस्टम को अनलॉक यानि Decrypt करेंगे, अगर आप ऐसा नहीं करते है तब हैकर आपके डाटा को मिसयूज भी कर सकता है।

 

Brute Force Attack

Brute Force Attack एक प्रकार का Trial-and-Error मेथड है जिसका इस्तेमाल हैकर किसी भी प्रकार का पसवर्ड, यूजरनाम, और पिन को जानने के लिए करता है इसमें हैकर बहुत सारे टूल्स का इस्तेमाल करता है हैकर के पास बहुत सारे यूजरनाम और पासवर्ड का एक लिस्ट होता है जिसमे बहुत सारे यूजरनाम पासवर्ड और पिन पहले से लिखा हुआ होता है अब हैकर जिस टूल का इस्तेमाल करता है वो टूल लिस्ट में सभी यूजरनाम पासवर्ड और पिन को एक एक करके Try करता है

तो चलिए अब इसको एक उद्धरण से समझते है मान लीजिए कभी आप किसी भी चीज का पासवर्ड को भूल जाते है तो आप उसमे कई सारे पासवर्ड को Try करते है जो आपको लगता सही है। ऐसी तरह Brute Force Attack के लिए जिस टूल का इस्तेमाल किया जाता है वो टूल हजारों की संख्या में पासवर्ड को Try करता है अगर उसमे से कोई पासवर्ड सही होता है उसको वो दिखने लगता है। इस प्रकार के अटैक को Dictionary अटैक भी कहा जाता है।

 

Keylogger Attack

इस प्रकार के अटैक में हैकर आपके कंप्यूटर में कुछ इस तरह का सॉफ्टवेयर को बैकडोर में इन्सटॉल कर देता है जो आपके कंप्यूटर की इनफार्मेशन को हैकर के पास पहुचाहता रहता है ऐसे सॉफ्टवेयर को Keylogger कहा जाता है ये आपके कंप्यूटर के कीबोर्ड और माउस को रिकॉर्ड करता है जैसे हम अपने कंप्यूटर की स्क्रीन को रिकॉर्ड करने के लिए स्क्रीन रिकॉर्डर का इस्तेमाल करते है वैसे ही हैकर आपके कंप्यूटर में Key logger जैसे सॉफ्टवेयर को इनस्टॉल कर देता है

जिसके बाद यूजर अपने कंप्यूटर पर कुछ भी टाइप करता है या माउस से कुछ क्लिक करता है वो सभी कंप्यूटर के बैकडोर में रिकॉर्ड होता रहता है और Key logger की हेल्प से हैकर उस इनफार्मेशन को एक्सेस करता रहता है यैसे सॉफ्टवेयर जब कोई इंटरनेट से थर्ड पार्टी सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करते है उसके साथ ही डाउनलोड हो जाते है और आपको पता भी नहीं चलता है इसलिए आप किसी भी Unofficial वेबसाइट से सॉफ्टवेयर डाउनलोड न करें।

 

एथिकल हैकर कैसे बने

अगर आप भी एथिकल हैकर बनना चाहते है तो सबसे पहले आपको कंप्यूटर नेटवर्किंग के बारे में आना चाहिए जैसे कंप्यूटर कैसे काम करता है अगर आप ये सब जानते है तो आपको हैकिंग सीखना बहुत ही आसान हो जायेगा। तो चलिए जानते है आखिर एक एथिकल हैकर बनाने के लिए किस चीज के बारे में जानकारी रखना ज्यादा जरुरी है।

Programing Language अगर एक प्रोफेशनल एथिकल हैकर की बात करे तो उन्हें कई तरह के प्रोगरामिंग लैंग्वेज के बारे में जानकारी होती है जैसे HTML, SQL, JS, Python, Bash इत्यादि अगर आप एथिकल बनना चाहते है तो आपको इन सभी लैंग्वेज के जनरल वर्किंग के बारे में जानकारी होना चाहिए।

Operating System (OS)  एक एथिकल हैकर को ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में काफी ज्यादा नॉलेज होता है इसके साथ उसको अलग अलग कई सारे ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में जानकारी होता है जैसे विंडोज, मैक ऑपरेटिंग सिस्टम, और लिनक्स इत्यादि। इसलिए ज्यादा से ज्यादा ऑपरेटिंग सिस्टम को चलना आना जरुरी है।

Networking  इन सभी के अलावा एक अच्छे एथिकल हैकर को नेटवर्किंग के बारे में अच्छी नॉलेज होता है जैसे TCP/IP और OSI Model इसके साथ ही उन्हें ये भी पता होता है Data Packet एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में कैसे ट्रांसफर होता है इसके आलावा भी उन्हें कंप्यूटर के कम्युनिकेशन के बारे में ज्यादा जानकारी होता है।

 

Ethical Hacker Scope in India

अगर एक एथिकल हैकिंग की स्कोप के बारे में बात करे तो आने वाले समय में एथिकल हैकिंग का स्कोप बहुत ज्यादा क्योकि इंडिया डिजिटल होते जा रहा है आज से 2022 तक इंडिया में 299.24 million स्मार्टफोन यूजर होने वाले है इसके आलावा आज हर बिज़नेस ऑनलाइन हो रहा है इससे इंडिया में इंटरनेट बढ़ रहा है अब जितने लोग Digitally होने उतने ही ज्यादा Cyber Expert (Ethical Hacker) का भी डिमांड बढ़ेगा। तो इसलिए आने वाले समय में एथिकल हैकिंग का बहुत ज्यादा स्कोप रहने वाला है।

 

विचार

तो मुझे पूरा विश्वास है आपको What is Hacking in Hindi समझ में आ गया होगा। इस आर्टिकल की हेल्प से हमने हैकिंग के बारे में पूरी जानकारी को कवर करने की कोशिश की है अगर आपको ये लेख पसंद आया है तो निचे कमेंट जरुर करें। अगर आपको ये पोस्ट अच्छा लगा तो आप इसको सोशल मीडिया जैसे प्लेटफार्म पर शेयर कर सकते है जिससे आपके दोस्तों को भी Ethical Hacking in Hindi के बारे में जानकारी मिले। अगर आपको ऐसी प्रकार के और भी लेख को पढ़ना चाहते है तो हमारे ब्लॉग को सब्सक्राइब कर सकते है। अगर आप किस भी प्रकार का सवाल है तो निचे कमेंट जरूर करे।

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