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Motherboard क्या है हिंदी में

आप कंप्यूटर का इस्तेमाल करते है तो अपने मदरबोर्ड के बारे में जरूर सुना होगा।  नहीं भी सुना है फिर भी हम आज  इस पोस्ट में Motherboard Kya Hai इसके बारे में जानने वाले है। वैसे तो मदरबोर्ड कंप्यूटर का एक अहम् भाग है जिसके बिना कंप्यूटर का अस्तित्व ही नहीं है। यानि ऐसा नहीं है की मदरबोर्ड का अविष्कार आगे चलकर हुआ है।

मदरबोर्ड का अविष्कार कंप्यूटर के अस्तित्व के साथ से ही है। और आज के समय में मदरबोर्ड को कई अलग अलग नाम से से जाना जाता है। जैसे Circuit Board, System Board, और लॉजिक बोर्ड इत्यादि। और ये आज कल के जितने भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होते है उसमे कही न कही मदरबोर्ड का इस्तेमाल जरूर होता है। मदरबोर्ड क्या होता है इसका बेसिक आईडिया ये है की किसी भी डिवाइस में चाहे वो मोबाइल हो या कंप्यूटर जिसके के सभी कॉम्पोनेन्ट जिससे आपस में कनेक्ट होते है उसे ही मदरबोर्ड कहा जाता है।

अगर हम कुछ समय पीछे जाये तो जो सबसे पहले मदरबोर्ड IBM के कंप्यूटर आते थे उसमे प्रोसेसर के आलवा कुछ स्लॉट हुआ करते थे जिसमे Floppy Control और मेमोरी ड्राइव को लगाने के लिए इस्तेमाल में लिया जाता था।  आज के मदरबोर्ड को देखें तो इसमें पहले के अपेक्षा कई सारे स्लॉट और कॉम्पोनेन्ट देखने को मिल जायेंगे।

यही वो सबसे बड़ा एडवांटेज है की आज हमारा कंप्यूटर इतना ज्यादा फ़ास्ट और मल्टीफंक्शनल हुआ है। इसलिए हम आज के इस पोस्ट में मदरबोर्ड के बारे में जानेंगे। तथा इसके साथ ही हम मदरबोर्ड के जितने भी स्लॉट होते है उनके बारे में और वो कैसे काम करते है उसके बारे में भी जानेंगे। तो अब सबसे पहले मदरबोर्ड क्या है इसके बारे में जानते है।

 

मदरबोर्ड क्या है Motherboard in Hindi

मदरबोर्ड कंप्यूटर क्या है तो मदरबोर्ड कंप्यूटर का सबसे जरुरी पार्ट्स है जिसमे कंप्यूटर के सभी कॉम्पोनेन्ट कनेक्ट होते है। जैसे हार्डडिस्क, सीपीयू, एसएमपीएस, रैम, कीबोर्ड, माउस, इत्यादि।

इसको और भी कई सारे नाम से जाना जाता है जैसे PCB (Printed Circuit Board), Logic Board, System Board इत्यादि मदरबोर्ड से कंप्यूटर के सभी हार्डवेयर डिवाइस कनेक्ट रहते है वैसे तो मदरबोर्ड में छोटे छोटे कई सारे कॉम्पोनेन्ट लगे होते है जिसको हम आसानी से एक्सप्लोर नहीं कर सकते है इसलिए मदरबोर्ड पर लगे जरुरी कॉम्पोनेन्ट के बारे में ही जानेंगे।

तो चलिए अब मदरबोर्ड के जरूरी कॉम्पोनेन्ट के बारे में एक एक करके जानते है

सीपीयू क्या है कैसे काम करता है
Graphics Card क्या है इसको लगाने के क्या फायदे है

 

CPU Socket (सीपीयू सॉकेट)

तो सबसे पहले आप मदरबोर्ड में सीपीयू सॉकेट को देखने को मिलता है जिसमे हमारा प्रोसेसर लगता है और हर कंप्यूटर में प्रोसेसर को कंप्यूटर के क्षमता के अनुसार लगाया जाता है जैसे अपने कई बारे नाम सुना होगा या जब आप कंप्यूटर को खरीदते है तो सीपीयू के अनुसार ही खरीदते है। और सीपीयू होते है P1, P2, Dual Core, Octa Core, Core i3, Core i5 इत्यादि। इन सभी को सीपीयू सॉकेट में ही लगाया जाता है। और हर प्रकार के मदर बोर्ड में सीपीयू सॉकेट होता है।

 

RAM Slot (रैम स्लॉट)

अब बात करे रैम स्लॉट की तो जैसे की नाम से ही पता चल रहा है रैम स्लॉट में कंप्यूटर का रैम लगा होता है। जिसे कंप्यूटर का मेमोरी कहा जाता है। नार्मल मदर बोर्ड में दो से तीन रैम स्लॉट होते है

वही आप अच्छे क्वालिटी का मदर बोर्ड को खरीदते है तो उसमे आपको तीन से ज्यादा रैम स्लॉट मिल जाते है। इसलिए जब भी हम डेस्कटॉप या लैपटॉप खरीदने जाते है तो ये जरूर पता करते है की कंप्यूटर के अंदर रैम कितना लगा है। और क्या इसमें रैम को बढ़ा सकते है। जितना ज्यादा रैम स्लॉट होगा उतना ही ज्यादा मेमोरी को बढ़ा सकते है।

 

Ide Connector (आईडीई कनेक्टर)

तो Ide का फुल फॉर्म होता Integrated Drive Electronics इस कनेक्टर का इस्तेमाल मदर बोर्ड में हार्ड ड्राइव और ऑपटिकल ड्राइव को कंनेक्ट करने के लिए किया जाता है। परन्तु आज के समय में IDE थोड़ा पुराना हो चूका है इसलिए आज कल के जितने भी लेटेस्ट मदर बोर्ड आ रहे है उसमे आईडीई कनेक्टर का नहीं आ रहा है।

इसके जगह पर SATA केबल का इस्तेमाल हो रहा है जो आईडीई के मुकाबले काफी तेजी से डाटा को ट्रांसफर करता है। अगर आप मार्केट में SATA केबल को खरीदने जाते है तो आपको कई अलग अलग वैरिएंट मिल जाते है जैसे SATA-1, SATA-2, SATA-3, इत्यादि।

 

Bios Chip & Cmos बैटरी

इन सभी के बाद “motherboard” पर Bios Chip आता है जिसका फुल फॉर्म होता है Basic Input Output System और Cmos का फुल फॉर्म होता है Complementary Metal-Oxide Semiconductor (CMOS) ये बैटरी पावर सेमीकंडक्टर चिप होती है और इनफार्मेशन को स्टोर करके रखती है जैसे सिस्टम का टाइम डेट, और सिस्टम की सेटिंग तक को स्टोर करके रखती है

जब कंप्यूटर में पावर नहीं होता है तब इसको CMOS बैटरी से पावर मिलती है। इसलिए जब हमरा कंप्यूटर बंद भी हो जाता है फिर भी कंप्यूटर के सेटिंग और टाइम डेट में बदलाव नहीं होते है।

जब हम कंप्यूटर को स्टार्ट करते है तब CMOS चिप में स्टोर डाटा को BIOS इस्तेमाल करता है। एक CMOS बैटरी का लाइफ दस साल तक होता है। अगर किसी कारण से CMOS बैटरी फ़ैल हो जाती है तब सिस्टम का डेट टाइम और सेटिंग सेव नहीं होता है।

यानि जब भी हम सिस्टम को ऑफ करके ऑन करेंगे सेटिंग आटोमेटिक डिफाल्ट हो जायेगा। कभी कभी अगर कंप्यूटर ज्यादा समय तक बंद होने पर भी CMOS बैटरी डिस्चार्ज हो जाती है।

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North Bridge & South Bridge

कंप्यूटर के Motherboard को दो भागो में बाँटा गया है पहला भाग है नार्थ ब्रिज मेमोरी, पीसीआई स्लॉट को मैनेज करता है। दूसरा है साउथ ब्रिज प्रोसेसर, बायोश, पीसीआई, इत्यादि को मैनेज करता है

पहले के समय में जो Motherboard आते थे उसमे बहुत सारे चिप होते थे जो काफी बड़े होते थे जिसके कारण Motherboard का साइज काफी ज्यादा बड़ा होता था इसलिए आगे मदर बोर्ड के साइज को छोटे करने के लिए चिप सेट बनाया गया मतलब कई सारे चिप जो Motherboard पर अलग अलग होते थे

उसको अब एक साथ एक ही चिप के अंदर कर दिया गया जिसको चिप सेट कहा जाता है। बहुत सारे चिपों के समूह को भी चिप सेट कहा जाता है। इसके बाद से जब बहुत सारे चिप को मिलकर दो चिपसेट बनाया गया जिसको नार्थ ब्रिज और साउथ ब्रिज में बता गया है। अगर हम इन दोनों के अंतर की बात करें तो नार्थ ब्रिज का जो स्पीड है वो साउथ ब्रिज से ज्यादा होता है

Rear Connector (रियर कनेक्टर)

रियर कनेक्टर के बारे में तो हम सब जानते ही है। ये कंप्यूटर के सबसे किनारे पर दिए गए पोर्ट होते है जो Motherboard के साथ इनबिल्ड आते है और इन सभी पोर्ट का इस्तेमाल हम अपने कंप्यूटर में माउस, कीबोर्ड, डाटा केबल, माइक, ईथरनेट इत्यादि को कनेक्ट करते है किसी भी Motherboard में सिमित होते है अगर आप और ज्यादा कनेक्टर का इस्तेमाल करना चाहते है तो आप अलग से भी लगा सकते है।

 

Graphic Card Slot (ग्राफ़िक कार्ड स्लॉट)

ग्राफ़िक कार्ड स्लॉट ये Motherboard के निचले हिस्से में होता है इसमें हम अलग से ग्राफ़िक कार्ड को लगाते है जिसकी हेल्प से हम इमेज और वीडियोस को देख पाते है।

अगर किसी कंप्यूटर में ग्राफ़िक कार्ड नहीं है तो उसमे हम वीडियोस को नहीं देख सकते है। इसलिए ग्राफ़िक कार्ड का होना जरुरी है। जब आप डेस्कटॉप या लैपटॉप को खरीदने जाते है तो ग्राफ़िक कार्ड के हिसाब से आपको अलग अलग प्राइस भी देखने को मिल जाते है।

आज कल के जितने भी गेमिंग कंप्यूटर है उसमे हाई ग्राफ़िक कार्ड का इस्तेमाल होता है यंहा तक की दो दो ग्राफ़िक कार्ड लगाए जाते है जिससे गेमिंग एक्सपीरियंस अच्छा मिल पाए।

आप ग्राफ़िक कार्ड के बारे में सम्पूर्ण जानकारी लेना चाहते है तो मैं ग्राफ़िक कार्ड से सम्बंधित पहले से ही पोस्ट लिख चूका हूँ जिसका लिंक मैं पोस्ट में दे दिया है।

 

मदरबोर्ड के प्रकार

जब भी हम डेस्कटॉप को बिल्ड करने के बारे में सोचते है तो Motherboard को लेकर कंफ्यूज हो जाते है की कौन से मदर बोर्ड को लेना चाहिए क्योकि मार्केट में कई प्रकार के मदर बोर्ड मौजूद है। जिसको लेकर काफी ज्यादा कंफ्यूज होते है। इसलिए हम मदर बोर्ड के अलग अलग प्रकार के बारे में जानेंगे।

  1. Mini ITX
  2. Micro ATX
  3. Standard ATX
  4. EATX (Gaming Motherboard)

 

1.Mini ITX ये Motherboard सबसे छोटा मदरबोर्ड है जिसमे आपको थोड़े कम कनेक्टर मिलते है। और इस मदर बोर्ड के अंदर एक ही पीसीआई स्लॉट मिलता है। और इसमें दो ही रैम स्लॉट होते है 

2.Micro ATX इस मदर बोर्ड के अंदर मिनी ITX मदर बोर्ड के अपेक्षा ज्यादा स्लॉट होते है और ये उससे आकर में बड़ा भी होता है इन सभी के आलवा इस मदरबोर्ड में रैम स्लॉट भी ज्यादा मिलता है यानि इस मदर बोर्ड में रैम के लिए ड्यूल चैनल मिल जाता है जिसमे आप चार रैम को लगा सकते है। वही इस मदर बोर्ड में चार पीसीआई स्लॉट भी मिलते है।

3.Standard ATX ये मदरबोर्ड बहुत ही अच्छा होता है और इस मदरबोर्ड का इस्तेमाल भी सबसे ज्यादा किया जाता है। अगर इस मदरबोर्ड को लेते है तो आप इस मदरबोर्ड के साथ मल्टीप्ल वर्क को एक साथ कर सकते है इन सभी के अलावा इसमें आपको ड्यूल चैनल रैम स्लॉट मिल जाते है और 4-6 पीसीआई स्लॉट मिल जाते है। और इसके साथ ही HDMI का Connectivity भी मिल जाता है और इसमें ज्यादा पीसीआई स्लॉट होने से इसमें आप ज्यादा से ज्यादा ग्राफ़िक कार्ड को भी यूज़ कर सकते है।

5.EATX इस मदरबोर्ड को हम गेमिंग मदरबोर्ड भी बोलते है इस मदरबोर्ड में ज्यादा से ज्यादा पोर्ट दिए जाते है यानि इस मदरबोर्ड के अंदर 4 से 10 यूएसबी पोर्ट मिल जाते है और इसके अंदर कम से कम 8 से 10 रैम स्लॉट होते है इन सभी के साथ ही 5 से 7 पीसीआई स्लॉट मिल जाते है।

चुकी गेमिंग कंप्यूटर में ज्यादा से ज्यादा ग्राफ़िक कार्ड का इस्तेमाल होता है इसलिए इसमें आपको ज्यादा से ज्यादा पीसीआई स्लॉट दिए जाते है। इस मदरबोर्ड सभी के सभी पोर्ट और स्लॉट मौजूद होते है इसमें आपको हाई क्वालिटी साउंड कार्ड भी मिलता है जो आपके गेमिंग एक्सप्रिएंस को और भी बेहतर बनता है।

 

Conclusion

आज इस लेख में हमने What is Motherboard in Hindi के बारे में जाना है। और आशा करते है आपको ये पोस्ट पसंद भी आया होगा। अगर आपको पोस्ट अच्छा लगा है तो निचे कमेंट जरूर करे। इसके आलवा अगर आप कंप्यूटर से सम्बंधित और भी पोस्ट को पढ़ना चाहते है तो हमारे पोस्ट पर पहले से पब्लिश पोस्ट को पढ़ सकते है।

Dileep Gupta

हेलो दोस्तों, मेरा नाम दिलीप गुप्ता हैं मैं Mytechinfo.in का संस्थापक हूँ मैं अपने ब्लॉग पर टेक्नोलॉजी से सम्बंधित पोस्ट लिखता हूँ और लोगो तक टेक्नोलॉजी के बारे पूरी जानकारी देने की कोशिश करता हूँ मेरा मकसद हैं ज्यादा से ज्यादा लोगो की हेल्प करना। अगर आप सभी को टेक्नोलॉजी से सम्बंधित कोई भी हेल्प चाहिए निचे कमेंट या ईमेल कर सकते हैं धन्यवाद

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